Sunday, 10 May 2015

जनहित मे जारी

द्वारा रणधीर पटवर्धन

   एक फिल्म आई थी ‘ ओमकारा ‘ , जिसको निर्देशित किया था विशाल भारद्वाजने, साथही इस फिल्म के संगीत निर्देशक भी विशालजी ही है ! ये फिल्म शेक्सपियर लिखित  नाटक अथेल्लो से प्रेरित है ! इसमे दिखाया गया है के कैसे शक की बिमारी अच्छे खासे प्रेमियोन्को और दोस्तोंको, एक दुसरेकी जान लेनेपे मजबूर करता है ! खैर आजके के इस लेख का विषय ये फिल्म या इसकी कहानी नही है, बल्की इसका एक गाना है ,    
       इस गानेको गाया है राहत  फतेह अली खान ने और लिखा है  गुलजारजी ने ! ये गाना, फिल्म का कोई किरदार नही गाता है , ये गाना के सिच्युएशन के बॅक ग्राउंड मे  बजता रहता है ! सिच्युएशन ऐसी है की फिल्म की नायिका, फिल्म के नायक को अपने प्यार के जाल मे फसानेकी कोशिश कर रही है , और इस महत्वपूर्ण कार्य को, वो हुस्न की मलिका इस होशियारी से कर रही है  के,  हिरो को तो मेसेज  बराबर और बारबार मिल रहा है, लेकिन बाकी जमाना इन पैतरोसे बेखबर है ! दुसरी तरफ  बेचारा [?] हिरो समज कर भी नासमज बन रहा है, और पता नही क्यू इजहार या इन्कार के फैसले को जितना हो सके उतना टाल रहा है !
 अगर ठीक से समझा जाय तो, इस गानेमे शायरने आखोंको धोकेबाज व्यक्ती के प्रतिक रूप मे पेश किया है ! गाना बहोतही सुरीला है और सारे फनकारोने गाया और बजाया भी बहोत बढीया है! गानेका मुखडा कुछ ऐसा है
  नैनो की मत  मानियो रे , नैनो की मत सुनियो , नैना ठग लेंगे”  !
 अर्थात धोखेबाज पे  विश्वास मत कर , धोखेबाज लोग हर हाल मे धोखा ही देंगे  ! याने की फिल्म मे मुख्य किरदारोंको  इस गीत द्वारा आगाह किया जा रहा है के उनका  पाला धोखेबाज से पड चुका  है, भैया संभलकर चलियो !
गाने का पहला अंतरा कुछ ऐसा है ,
जागते जादू फुकेंगे रे , जागते जागते जादू , 
जागते जादू फुकेंगे रे , निंदे बंजर कर देंगे !
नैना ठग लेंगे , ठग लेंगे , नैना ठग लेंगे !

 यानेकी  शायर गायक की जुबां से कह रहा है के , अव्वल दर्जे के धोखेबाज सयाने आदमी को भी आरामसे धोखा दे सकते है , और  एक बार वो धोखे मे आ गया तो उसकी रातो की निंद और दिनका चैन हराम हो सकता है !
  मुझे बहोतोने पुछा है के, लोग जानते हुए भी कैसे  ये छह महिने दुगने दाम देने वाले स्कीम्स के चक्कर मे आ जाते है और बार बार फस जाते है ?  और मेरा जवाब होता है के भाईसाब , ऐसा होता है क्युके जो ये स्कीम जो बनाता है, वो एक  तो अनुभवो से सिखकार अधिक लुभावनी स्कीम बुनता है , या फिर नये गाव या शहर की तरफ मुडता है  ! खैर चलिये वापिस गाने के दुसरे अंतरे पे मुडते है, वो कुछ इस तरह है
भला मंदा देखे ना पराया ना सगा रे
नैनो को तो बस डसनेका चस्का लगा रे
नैनोका जहर नशीला है    
बादलोमे सत रंगिया बोवे,,भोर तलक बरसावे
नैना बावरा कर देंगे
नैना ठग लेंगे , ठग लेंगे , नैना ठग लेंगे !

 अर्थात धोखेबाज को ये नही फरक पडता के वो जिसको वो धोखा दे रहा है वो अपना है या पराया , उसको तो अपना काम  निकालने से मतलब है , वो कुछ ऐसा माहौल पैदा करता है के देखने वाला उसमे खो जाता है !
  अगर आप ठीकसे अपेने आस पास देखोगे, तो बहोत सारे राजनेता इस तरह का व्यवहार करते नजर आयंगे, वो नारोसे , वादोये, भाषणोसे , सभावोसे आपको हर बार यकिन दिलायेंगे के  आपके तारनहार बस वही है , और काम निकल जाने के बाद तु कौन ? मै कौन ?, चलिये अब आगे बढते हुए जान लेते है के गानेके आखरी अंतरे मे शायर धोखेबाजोके और कौनसे लक्षण बता रहा है ! अंतरेके बोल कुछ ऐसे है ,
नैना रात को चलते चलते  स्वर्ग मे ले जावे
मेघ मल्हार के सपने दीजे, हरियाली दिखलावे
नैनो की जुबान पे भरोसा नही आता
लिखद परख ना रसीद ना खाता
बिन बादल बरसाये सावन , सावन बिन बरसाता
नैना बावरा कर देंगे
नैना ठग लेंगे , ठग लेंगे , नैना ठग लेंगे !

 इसमे धोखेबाज आदमी के कौशल के सीमावोंको बताया गया है, शायर कहता  है इस तरह के व्यक्ती इनका  बस चले तो बिन बादल बरसात करवा सकते है और सावन मे एक बुंद भी ना टपकने दे ! वाह भाई वाह
  खैर हमने तो शायराना अंदाज मे धोखेबाजो के लक्षण एवं कार्यशैली को जनहित मे जारी कर दिया है , अब सोचना ये है के इन लोगोंसे कैसे बचा जाय ? अगर आप हमसे ये पुछोगे तो हम तो ये कहेंगे के ऐसी महान हस्तीयोसे दूर रहना ही अच्छा है !  इसलिये  ऐसे लोग जैसेही समज मे आये तो  इनसे जाल्दिसे जल्दी जितना हो सके उतना दूर हो जाईये !
    हा अंत मे जनहित मे इतनी गुजारिश जरूर करुंगा के, फिल्म ओमकारा के इस गीत को जरूर देखिये और सुनिये , करीना कपूर और अजय देवगन पर फिल्माया गया ये गीत आपको जरूर पसंद आयेगा और आप फनकारो के प्यार  खुद को कैद पावोगे , तो मिलते है अगले हप्ते किसी और गाने और विषय के साथ  ! तबतक अपना और अपनोंका खयाल राखियेगा 

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